कानूनी साक्षरता से सशक्तिकरण: हमारे विद्यालय में 'Transformative Tuesday' अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर संपन्न

 


दिनांक: 8 मई 2026

स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामजी का गुवाड़ा (थानागाजी, अलवर)

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में हमारे विद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA), जयपुर के दिशा-निर्देशानुसार और तालुका विधिक सेवा समिति, थानागाजी के सहयोग से विद्यालय में 'Transformative Tuesday - Legal Literacy & Sensitization' अभियान के तहत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और संवाद

इस विशेष शिविर का संचालन पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) श्री विक्रम सिंह गुर्जर द्वारा किया गया। उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और उपस्थित अभिभावकों के साथ अत्यंत सरल और संवादात्मक तरीके से कानूनी अधिकारों पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कानून के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क बनाना था।

कार्यक्रम की मुख्य पहल: 'कोर्ट वाली दीदी' और लिटरेसी क्लब

अभियान के अंतर्गत विद्यालय में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी: विद्यालय परिसर में एक विशेष शिकायत पेटी (Complaint Box) स्थापित की गई है। इसे ऐसे स्थान पर रखा गया है जहाँ बच्चों की गोपनीयता बनी रहे, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी शिकायतें साझा कर सकें।

  • जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब: विधिक जागरूकता को निरंतर बनाए रखने के लिए विद्यालय में एक 'जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब' का गठन किया गया है। इसमें संस्था प्रधान, एक वरिष्ठ महिला अध्यापिका और दो विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।

  • संवेदनशील कानूनों की जानकारी: शिविर के दौरान POCSO Act और JJ Act जैसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि विद्यार्थी अपनी और अपने आसपास के बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

संस्था प्रधान का संदेश

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रमसी राम मीणा ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि कानूनी जानकारी आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान और कानूनों का सम्मान करें और एक जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

इस कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी भी की गई ताकि इस जागरूकता अभियान की प्रगति को रिकॉर्ड किया जा सके।



विद्यार्थियों के मन की जिज्ञासाएँ (संवाद सत्र)

शिविर के दौरान सबसे उत्साहजनक क्षण वह था जब विद्यार्थियों ने अपनी झिझक तोड़कर कानून और अपनी सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। पैरा लीगल वॉलंटियर श्री विक्रम सिंह गुर्जर ने इन जिज्ञासाओं का बहुत ही सरल भाषा में समाधान किया:

  • प्रश्न: 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी में हम किस तरह की बातें लिख सकते हैं?

    • उत्तर: इसमें आप अपने साथ या अपने किसी साथी के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, शोषण या असुरक्षा की शिकायत लिख सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

  • प्रश्न: अगर हमें किसी बात से डर लग रहा हो, तो क्या हम सीधे पुलिस के पास जाना पड़ेगा?

    • उत्तर: नहीं, आप सबसे पहले अपने विद्यालय के 'जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब' के सदस्यों या अपने शिक्षकों को बता सकते हैं। वे कानून की मदद से आपकी समस्या का समाधान करवाएंगे।

  • प्रश्न: क्या कानून बच्चों के लिए अलग होता है?

    • उत्तर: हाँ, बच्चों के लिए विशेष कानून जैसे POCSO Act और Juvenile Justice (JJ) Act बनाए गए हैं, जो केवल आपकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं।

इस संवाद सत्र ने छात्रों में यह विश्वास जगाया कि कानून उनकी डराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढाल है।

"विद्यार्थियों में यह विधिक समझ उनके भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित होगी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामजी का गुवाड़ा हमेशा अपने छात्रों को जागरूक और सशक्त बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।" 

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